जब भी आप कभी निर्माण कार्य के बारे में सोचते है,तो आपको किन -किन चीजों/हुनर/कौशल्य की आवश्यकता का ज्ञान होता है ? जरूर आपके ख्याल में ऊर्जा, शक्ति ,स्फूर्ति ,बल ,हिम्मत ,धैर्य ,सकारात्मक सोच ,परिस्थिति के अनुसार अपने आप को ढालना ,हार न मानना ,अथक परिश्रम ,दृढ़ निश्चय ,अनुशासन ,
नैतिकता ,ईमानदारी ,जिम्मेदारी आदि गुणों का समावेश होगा । और बात जब राष्ट्र निर्माण की हो तो इन गुणों पर दबाव या हमारे चुने उम्मीदवारों में इन गुणों का होना अपेक्षित है । क्यों सही कह रहा हूँ ना मैं ?
तो भाई अगर आप सहमत है तो ये गुण हमें कहा मिलने वाले है ? जी हाँ इन गुणों का पूरा रस आपको हमारे देश के युवाओं में मिलेगा । जी हाँ हमारा राष्ट्र निर्माण युवाओं के हाथों में होना भी जरूरी है और यह बात सिर्फ मैं नही हमारे देश के मिसाईल मैन आदरणीय ए. पी.जे. अब्दुल कलाम भी मानते थे ।
भारत के और भी नेताओ के भाषणों में इसका जिक्र आता है । अब आप सोच सकते है की युवा तो तजुर्बेदार नहीं है, तो दोस्तो आपको मैं बता दूँ की हमारे देश का युवा बचपन से ही समाजसेवा भी जनता है । हमारे किताब के प्रयोजक तथा स्पांसर मा. योगेश चलवादी ये सिर्फ 22 वर्षीय युवा है और उम्र के 13 साल से समाजसेवा कर रहे है तथा समाज के हर तबगे के लोगो का उद्धार कर रहे है।
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